रांची, 23 मार्च 2026: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अबुआ आवास योजना’ ने राज्य के लाखों बेघर और गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का सपना साकार किया है। हाल ही में सरकार ने वर्ष 2026 के लिए लाभार्थियों की नई सूची जारी कर दी है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को तीन कमरों वाला पक्का मकान बनाने के लिए कुल ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो चार किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
यह योजना मुख्य रूप से उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) जैसी केंद्रीय योजनाओं से वंचित रह गए थे। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से, नई सूची कैसे देखें और किस्त की स्थिति कैसे ट्रैक करें।
योजना का उद्देश्य और मुख्य विशेषताएँ
अबुआ आवास योजना का मूल उद्देश्य राज्य के हर बेघर परिवार को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। यह योजना झारखंड सरकार की अपनी राज्य निधि से संचालित की जा रही है, ताकि कोई भी पात्र परिवार छत की मूलभूत आवश्यकता से वंचित न रहे।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | अबुआ आवास योजना |
| प्रारंभकर्ता | झारखंड सरकार (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन) |
| लाभार्थी | राज्य के बेघर, कच्चे मकान में रहने वाले एवं गरीब परिवार |
| आर्थिक सहायता | कुल ₹2,00,000 (चार किस्तों में) |
| अतिरिक्त सहायता | मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी (लगभग ₹24,000+) |
| मकान का प्रकार | 3 कमरे, रसोईघर एवं स्नानघर सहित पक्का मकान |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन/ऑफलाइन (पंचायत स्तर पर) |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://aay.jharkhand.gov.in/ |
पात्रता की शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
| मानदंड | विस्तृत जानकारी |
|---|---|
| निवास | आवेदक झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। |
| आवास की स्थिति | आवेदक के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। वह कच्चे मकान में रहता हो या बेघर हो। |
| अन्य योजनाओं से वंचित | जिन परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM AY) या बिरसा आवास योजना जैसी अन्य केंद्र/राज्य योजनाओं का लाभ नहीं लिया है, वे ही पात्र होंगे। |
| प्राथमिकता | अत्यंत गरीब, श्रमिक, अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। |
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन एवं पंजीकरण के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
| दस्तावेज का नाम | टिप्पणी |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान एवं निवास सत्यापन के लिए अनिवार्य। |
| जाति प्रमाण पत्र | SC/ST/OBC वर्ग के लिए। |
| आय प्रमाण पत्र | निर्धारित प्रारूप में, गरीबी रेखा के अंतर्गत होने का प्रमाण। |
| निवास प्रमाण पत्र | झारखंड का स्थायी निवासी सिद्ध करने हेतु। |
| बैंक खाता विवरण | खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। |
| राशन कार्ड / बीपीएल कार्ड | परिवार की आर्थिक स्थिति की पुष्टि के लिए। |
| मोबाइल नंबर | पंजीकरण एवं सूचनाओं के लिए। |
नई सूची (New List) में अपना नाम कैसे देखें?
यदि आपने योजना के लिए आवेदन किया है, तो आप नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करके नई जारी सूची में अपना नाम देख सकते हैं:
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आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर https://aay.jharkhand.gov.in/ पर जाएँ।
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‘लाभार्थी रिपोर्ट’ का चयन करें: होम पेज पर ‘Reports’ या ‘Beneficiary List’ जैसा विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करें।
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अपना जिला, ब्लॉक और पंचायत चुनें: अब एक-एक करके अपना जिला, प्रखंड (ब्लॉक) और ग्राम पंचायत का चयन करें।
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सूची देखें: ‘Search’ या ‘Submit’ बटन पर क्लिक करते ही आपके गाँव की संपूर्ण लाभार्थी सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।
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पीडीएफ डाउनलोड करें: आप इस सूची को पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड करके अपना नाम ढूंढ सकते हैं या उसे सुरक्षित रख सकते हैं।
किस्त (Installment) का स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
यदि आपका नाम सूची में शामिल है और आप यह जानना चाहते हैं कि किस्त की राशि कब आएगी या कितनी किस्तें आ चुकी हैं, तो निम्न प्रक्रिया अपनाएँ:
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आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें: aay.jharkhand.gov.in पर जाएँ।
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‘ट्रैक एप्लिकेशन’ या ‘पेमेंट स्टेटस’ पर क्लिक करें: होम पेज पर उपलब्ध इस विकल्प को चुनें।
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विवरण दर्ज करें: आपको अपना पंजीकरण संख्या (Registration Number) या आधार संख्या दर्ज करनी होगी।
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स्टेटस देखें: ‘Search’ पर क्लिक करने के बाद आपके सामने आपकी किस्तों का पूरा विवरण (कितनी किस्तें जारी हुईं, कितनी राशि मिली, अगली किस्त की स्थिति) आ जाएगा।
महत्वपूर्ण बातें एवं जियो-टैगिंग
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जियो-टैगिंग अनिवार्य: सरकार ने योजना में पारदर्शिता लाने के लिए जियो-टैगिंग को अनिवार्य कर दिया है। मकान निर्माण के विभिन्न चरणों (नींव, दीवार, छत आदि) की फोटो एक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इसके बाद ही अगली किस्त जारी की जाती है।
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मनरेगा का अतिरिक्त लाभ: ₹2 लाख की सहायता के अलावा, लाभार्थी मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे मकान निर्माण में और आर्थिक मदद मिलती है।
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किस्तों का विवरण: आमतौर पर पहली किस्त ₹30,000 से ₹50,000 के बीच दी जाती है। बाद की किस्तें निर्माण प्रगति के अनुसार जारी की जाती हैं।
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भ्रष्टाचार से सावधान: योजना में किसी भी प्रकार की रिश्वत देना या लेना दंडनीय अपराध है। किसी भी दलाल या बिचौलिए के चक्कर में न पड़ें। यदि कोई पैसे की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारी से करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: अबुआ आवास योजना की पहली किस्त कितनी मिलती है?
उत्तर: इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में आमतौर पर ₹30,000 से ₹50,000 तक की राशि दी जाती है। यह राशि मकान निर्माण शुरू करने के लिए पर्याप्त होती है।
प्रश्न 2: क्या अबुआ आवास योजना में ₹2 लाख के अलावा कोई अतिरिक्त सहायता भी मिलती है?
उत्तर: हाँ, योजना के तहत ₹2 लाख की मुख्य सहायता के अतिरिक्त, लाभार्थी को मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी (लगभग ₹24,000 से अधिक) भी दी जाती है। यह राशि अलग से खाते में आती है।
प्रश्न 3: अबुआ आवास योजना का पैसा खाते में आने में कितना समय लगता है?
उत्तर: जियो-टैगिंग और विभागीय सत्यापन (Verification) पूरा होने के बाद, आमतौर पर 15 से 30 दिनों के भीतर अगली किस्त की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में आ जाती है।
प्रश्न 4: यदि मेरा नाम नई सूची (New List) में नहीं है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: यदि आप सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, फिर भी आपका नाम सूची में नहीं है, तो आप अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय, पंचायत सचिव या ‘आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार’ शिविर में जाकर शिकायत/आवेदन दर्ज करा सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas) का लाभ लेने वाला व्यक्ति अबुआ आवास योजना का लाभ ले सकता है?
उत्तर: नहीं, यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है जो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य की अन्य आवास योजनाओं से वंचित रह गए हैं। पहले से किसी अन्य आवास योजना का लाभ लेने वाला व्यक्ति पात्र नहीं है।
प्रश्न 6: क्या मकान का निर्माण किसी भी आकार का हो सकता है?
उत्तर: योजना के अंतर्गत न्यूनतम 3 कमरे, एक रसोईघर और एक स्नानघर सहित पक्का मकान बनाना अनिवार्य है। निर्माण सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही होना चाहिए।
प्रश्न 7: क्या मैं ऑफलाइन आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, आप अपने ग्राम पंचायत सचिव, प्रखंड कार्यालय या जिला परिषद कार्यालय से संपर्क करके ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालाँकि, ऑनलाइन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी है।
