मार्च 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में बिहार में आई भीषण आंधी, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने राज्य के किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचाया। इस प्राकृतिक आपदा से गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन समेत कई फसलें बर्बाद हो गईं। ऐसे में राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026 शुरू की है।
इस योजना के तहत उन किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिनकी फसल को 33% या उससे अधिक की क्षति हुई है। यह लेख आपको इस योजना से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी देगा – जिसमें प्रभावित जिले, मुआवजे की राशि, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया शामिल है।
योजना का संक्षिप्त विवरण (Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026 |
| विभाग | कृषि विभाग, बिहार सरकार |
| लाभार्थी | फसल क्षति से प्रभावित किसान |
| आवेदन मोड | ऑनलाइन |
| प्रभावित जिले | 12 जिले, 111 प्रखंड |
| आवेदन प्रारंभ | शीघ्र (घोषणा जारी) |
| टोल-फ्री हेल्पलाइन | 1800 180 1551 |
| आधिकारिक वेबसाइट | dbtagriculture.bihar.gov.in |
किन जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ?
कृषि विभाग ने राज्य के 36 जिलों से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर 12 जिलों के 111 प्रखंडों को चयनित किया है, जहाँ फसलों को 33% से अधिक नुकसान हुआ है। प्रभावित जिलों की सूची नीचे दी गई है:
| क्रमांक | जिले का नाम | क्रमांक | जिले का नाम |
|---|---|---|---|
| 1 | सहरसा | 7 | खगड़िया |
| 2 | मुजफ्फरपुर | 8 | किशनगंज |
| 3 | अररिया | 9 | मधेपुरा |
| 4 | बेगूसराय | 10 | दरभंगा |
| 5 | मधुबनी | 11 | सुपौल |
| 6 | पूर्णिया | 12 | भागलपुर |
इन जिलों के 111 प्रखंडों में कुल 2,06,658.12 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं। चयनित प्रखंडों की विस्तृत सूची कृषि विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
योजना के तहत कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
फसल क्षति के प्रकार (सिंचित/असिंचित) और फसल की प्रकृति के आधार पर अनुदान की राशि निर्धारित की गई है। यह राशि प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दी जाएगी:
| फसल क्षति का प्रकार | अनुदान राशि (प्रति हेक्टेयर) |
|---|---|
| वर्षाश्रित (असिंचित) क्षेत्र | ₹8,500 |
| सिंचित क्षेत्र | ₹17,000 |
| शाश्वत / बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) | ₹22,500 |
महत्वपूर्ण नियम:
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एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए आवेदन कर सकता है।
-
न्यूनतम सहायता राशि: असिंचित के लिए ₹1,000, सिंचित के लिए ₹2,000, शाश्वत फसल के लिए ₹2,500।
-
लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी फसल क्षति 33% या अधिक हुई है।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
-
आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो।
-
किसान की फसल मार्च 2026 के तीसरे/चौथे सप्ताह में हुई आपदा से प्रभावित हुई हो।
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प्रभावित पंचायत का किसान हो और फसल क्षति 33% से अधिक हो।
-
योजना रैयत (भूमिधारी) और गैर-रैयत (काश्तकार) दोनों प्रकार के किसानों के लिए खुली है।
-
किसान परिवार की परिभाषा – पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे। आवेदन में परिवार का विवरण देना अनिवार्य है। परिवार के एक से अधिक सदस्य अलग-अलग आवेदन नहीं कर सकते।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
| रैयत किसान के लिए | गैर-रैयत किसान के लिए |
|---|---|
| अद्यतन भूमि प्रतिलिपि (LPC) / लगान रसीद | स्वघोषित प्रमाण पत्र (वार्ड सदस्य एवं कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित) |
| आधार कार्ड | आधार कार्ड |
| बैंक खाता विवरण (IFSC सहित) | बैंक खाता विवरण (IFSC सहित) |
| मोबाइल नंबर | मोबाइल नंबर |
स्वघोषणा प्रमाण पत्र का प्रारूप डीबीटी पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) से डाउनलोड किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया
जैसे ही आवेदन लिंक सक्रिय होगा, आप निम्न चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:
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आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in खोलें। -
योजना का लिंक चुनें:
होम पेज पर ‘कृषि इनपुट अनुदान 2026’ या ‘Krishi Input Anudan 2026’ लिंक पर क्लिक करें। -
किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें:
खुलने वाले पृष्ठ पर अपना किसान पंजीकरण संख्या (Farmer Registration Number) भरें और ‘Search’ पर क्लिक करें। -
आवेदन फॉर्म भरें:
आपका आवेदन फॉर्म स्वतः खुल जाएगा। इसमें पूछी गई सभी जानकारी – फसल का प्रकार, प्रभावित क्षेत्र, भूमि का विवरण आदि – सही-सही भरें। -
दस्तावेज अपलोड करें:
मांगे गए सभी दस्तावेज (भूमि प्रतिलिपि, आधार आदि) स्कैन करके अपलोड करें। -
अंतिम सबमिट करें:
सभी जानकारी की पुनः जाँच करें और ‘Submit’ बटन दबाएँ। आवेदन की पुष्टि होने पर आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी।
पंचायत सूची कैसे चेक करें?
यह जानना आवश्यक है कि आपकी पंचायत चयनित पंचायतों की सूची में शामिल है या नहीं:
-
कृषि विभाग की वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएँ।
-
‘कृषि इनपुट अनुदान 2026’ के अंतर्गत ‘पंचायत सूची’ लिंक पर क्लिक करें।
-
अपना जिला, प्रखंड और पंचायत चुनकर सूची देखें या पीडीएफ डाउनलोड करें।
महत्वपूर्ण लिंक (Important Links)
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन | [जल्द सक्रिय होगा] |
| पंचायत सूची डाउनलोड | [जल्द सक्रिय होगा] |
| आधिकारिक वेबसाइट | dbtagriculture.bihar.gov.in |
| हेल्पलाइन नंबर | 1800 180 1551 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026 के तहत किन जिलों के किसान आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: सहरसा, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर – इन 12 जिलों के 111 प्रखंडों के किसान आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 2: आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी?
उत्तर: आवेदन शीघ्र शुरू किया जाएगा। आधिकारिक तिथि की घोषणा कृषि विभाग की वेबसाइट पर की जाएगी। इस लेख में भी नवीनतम अपडेट दिया जाएगा।
प्रश्न 3: गैर-रैयत (काश्तकार) किसान भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, गैर-रैयत किसान भी इस योजना के पात्र हैं, बशर्ते उनके पास वार्ड सदस्य एवं कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित स्वघोषित प्रमाण पत्र हो।
प्रश्न 4: एक किसान कितने हेक्टेयर तक का मुआवजा ले सकता है?
उत्तर: एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए आवेदन कर सकता है। इससे अधिक क्षेत्र के लिए अनुदान नहीं दिया जाएगा।
प्रश्न 5: यदि मेरी फसल को 33% से कम क्षति हुई है, तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल उन किसानों के लिए है जिनकी फसल को 33% या उससे अधिक की क्षति हुई है।
प्रश्न 6: क्या परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, योजना की शर्तों के अनुसार ‘किसान परिवार’ (पति-पत्नी-अवयस्क बच्चे) की परिभाषा के अंतर्गत पूरे परिवार के लिए एक ही आवेदन मान्य होगा। अलग-अलग आवेदन पर अनियमितता पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
निष्कर्ष
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026 प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत पहल है। सरकार ने 12 जिलों के 111 प्रखंडों को चिन्हित करते हुए फसल क्षति का आकलन किया है और अब शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। प्रभावित किसानों को सलाह है कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से आवेदन की तिथि की जानकारी प्राप्त करें। इस योजना के माध्यम से किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी और उनकी आजीविका को सहारा मिल सकेगा।
