
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) राज्य सेवा परीक्षा (State Service Examination) 2026 के लिए प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को आयोजित हो चुकी है। अब उम्मीदवारों की निगाहें मुख्य (Mains) परीक्षा पर टिकी हैं, जो सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। यह परीक्षा अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होती है क्योंकि इसमें 155 रिक्तियों के लिए राज्य भर से लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं। प्रारंभिक परीक्षा की तरह ही, मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम (सिलेबस) बेहद विस्तृत है, लेकिन यह आपको अंतिम सफलता के द्वार तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण चरण है।
इसलिए, बिना समय गंवाए, आइए MPPSC Mains परीक्षा 2026 के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और विषयों को विस्तार से समझें।
MPPSC Mains Exam Pattern 2026: एक नजर में पूरा ढांचा
MPPSC मुख्य परीक्षा (Mains) पूरी तरह से वर्णनात्मक (Descriptive) प्रकृति की होती है। इसे उत्तीर्ण करना प्रारंभिक परीक्षा से अधिक चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि इसमें आपको अपनी लेखन क्षमता, विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और तथ्यों को सही-सही उद्धृत करने की आवश्यकता होती है。
MPPSC Mains परीक्षा में कुल 6 प्रश्नपत्र होते हैं:
MPPSC Mains परीक्षा पैटर्न 2026
| प्रश्नपत्र | विषय | कुल अंक | अवधि |
|---|---|---|---|
| Paper I | सामान्य अध्ययन प्रथम (General Studies I) | 300 | 3 घंटे |
| Paper II | सामान्य अध्ययन द्वितीय (General Studies II) | 300 | 3 घंटे |
| Paper III | सामान्य अध्ययन तृतीय (General Studies III) | 300 | 3 घंटे |
| Paper IV | सामान्य अध्ययन चतुर्थ (General Studies IV) | 300 | 3 घंटे |
| Paper V | सामान्य हिंदी (General Hindi) | 200 | 2 घंटे |
| Paper VI | हिंदी निबंध (Hindi Essay) | 100 | 2.5 घंटे |
| कुल | 1500 |
नोट: यह परीक्षा मध्य प्रदेश की सिविल सेवाओं और वन सेवाओं (State Forest Service) के लिए आयोजित की जाती है। लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है।
MPPSC Mains विषयवार पाठ्यक्रम (Subject-Wise Syllabus)
सामान्य अध्ययन प्रथम (General Studies Paper I): इतिहास एवं भूगोल
इस पेपर में भारत और विशेष रूप से मध्य प्रदेश के इतिहास एवं भूगोल पर फोकस किया जाता है।
खंड A: इतिहास
-
प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत: हड़प्पा सभ्यता से लेकर 18वीं शताब्दी तक का सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक इतिहास; सल्तनत और मुगल शासक तथा उनकी प्रशासनिक व्यवस्था।
-
मध्य प्रदेश का इतिहास: गढ़बिल्ल, नाग, ओलिंकर, परिव्राजक, गुर्जर-प्रतिहार, कलचुरी, चंदेल, परमार, तोमर, गोंड एवं कच्छपघात वंशों का विस्तृत अध्ययन; प्रमुख रियासतें – गोंडवाना, बुन्देली, बघेली, होल्कर, सिंधिया और भोपाल राज्य।
-
ब्रिटिश शासन का प्रभाव: भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव; 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम; किसान एवं जनजातीय विद्रोह; भारतीय पुनर्जागरण; मध्य प्रदेश का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान।
-
स्वतंत्रता के बाद का भारत: गणतंत्र भारत का उद्भव; राज्यों का पुनर्गठन; मध्य प्रदेश का गठन; स्वतंत्रता के बाद की प्रमुख घटनाएँ।
खंड B: भूगोल
-
भारत का भौतिक स्वरूप: प्राचीन भारत में भौगोलिक ज्ञान; हिमालय, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार; प्रमुख पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें; मृदाओं के प्रकार।
-
जलवायु: ऋतुएँ, तापमान, वर्षा; मानसून की उत्पत्ति, अल-नीनो, ला-नीना, पश्चिमी विक्षोभ, आईओडी; जलवायु परिवर्तन के परिणाम।
-
मध्य प्रदेश का भूगोल: जिलेवार विश्लेषण; वन, खनिज, कृषि, सिंचाई परियोजनाएँ एवं उद्योग।
सामान्य अध्ययन द्वितीय (General Studies Paper II): राजनीति एवं समाजशास्त्र
यह पेपर संविधान, शासन व्यवस्था और सामाजिक संरचना पर केंद्रित है।
-
संविधान एवं शासन व्यवस्था: भारतीय संविधान की विशेषताएँ, मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक तत्व, केंद्र-राज्य संबंध।
-
प्रशासनिक ढांचा: प्रशासनिक सुधार आयोग; स्थानीय स्वशासन (पंचायती राज)।
-
सामाजिक न्याय एवं हाशिये पर खड़े समूह: महिलाएँ, अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक; मध्य प्रदेश की जनजातियाँ (गोंड, भील, बैगा, कोरकू, सहरिया आदि)।
-
शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन विकास: शिक्षा नीति (NEP), ग्रामीण एवं शहरी विकास की योजनाएँ।
सामान्य अध्ययन तृतीय (General Studies Paper III): अर्थव्यवस्था एवं विज्ञान
इसका फोकस भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण पर है।
-
भारतीय अर्थव्यवस्था: योजना आयोग से नीति आयोग तक का सफर; बजट, वित्तीय संस्थान (RBI, SEBI), कराधान (GST), मुद्रास्फीति।
-
कृषि एवं ग्रामीण विकास: हरित क्रांति; कृषि उत्पादन, सिंचाई, खाद्य प्रसंस्करण; ई-नाम और किसान सम्मान निधि।
-
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO); सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा।
-
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण; MP के राष्ट्रीय उद्यान (बांधवगढ़, कान्हा, सतपुड़ा) एवं टाइगर रिजर्व।
सामान्य अध्ययन चतुर्थ (General Studies Paper IV): नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिक्षमता
-
नीतिशास्त्र एवं मानवीय मूल्य: सदाचार, निष्पक्षता, ईमानदारी; नैतिक और नैतिकताहीन व्यवहार के कारण।
-
प्रशासन में सत्यनिष्ठा: भ्रष्टाचार के प्रकार और कारण; लोकपाल, केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC)।
-
प्रशासनिक दृष्टिकोण और वैश्विक मानदंड: प्रशासन में सामाजिक और भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) की आवश्यकता।
-
प्रशासनिक निर्णय लेने में नैतिक दुविधाएं (केस स्टडीज़ के माध्यम से): संवेदनशील पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश।
पेपर V और VI: सामान्य हिंदी एवं निबंध (General Hindi and Essay)
-
सामान्य हिन्दी: हिंदी व्याकरण, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, संधि-विच्छेद, रस-छंद, पर्यायवाची-विलोम शब्द।
-
हिंदी निबंध: दार्शनिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विषयों पर निबंध।
MPPSC Mains तैयारी के 5 प्रमुख सुझाव
MPPSC Mains की तैयारी के लिए कुछ विशेष रणनीतियों को अपनाना चाहिए।
-
पाठ्यक्रम को प्रिंटआउट करें: सबसे पहले, आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in से पाठ्यक्रम डाउनलोड करें और उसे अपने स्टडी टेबल पर लगा लें।
-
नोट्स बनाना अनिवार्य है: चूंकि यह वर्णनात्मक परीक्षा है, लिखकर अभ्यास करें। MP विशेष (MP Specific) नोट्स बनाना न भूलें।
-
करंट अफेयर्स को प्राथमिकता दें: विशेष रूप से मध्य प्रदेश की हाल की घटनाओं, योजनाओं और बजट पर ध्यान दें।
-
नियमित उत्तर लेखन (Answer Writing): प्रतिदिन कम से कम 2-3 प्रश्न निर्धारित समय सीमा में हल करें।
-
विगत वर्षों के प्रश्नपत्र (PYQs) हल करें: MPPSC के पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति समझ में आ जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. MPPSC Mains 2026 परीक्षा कब होगी?
MPPSC Mains 2026 परीक्षा 7 सितंबर से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित होने की संभावना है, हालांकि अंतिम तिथियों के लिए अधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
2. MPPSC Mains में कुल कितने पेपर होते हैं और उनके अंक कितने हैं?
Mains परीक्षा में कुल 6 पेपर होते हैं। चार सामान्य अध्ययन के पेपर (प्रत्येक 300 अंक), एक सामान्य हिंदी (200 अंक) और एक हिंदी निबंध (100 अंक) होता है, जिसका कुल योग 1500 अंक है।
3. MPPSC Mains में नेगेटिव मार्किंग होती है?
MPPSC Mains एक वर्णनात्मक (Descriptive) परीक्षा है, इसमें नेगेटिव मार्किंग (नकारात्मक अंकन) की कोई व्यवस्था नहीं होती。
4. MPPSC Mains Syllabus PDF कहाँ से डाउनलोड करें?
आप आधिकारिक पोर्टल mppsc.mp.gov.in पर जाकर या जागरण जोश (Jagran Josh) जैसे प्रमुख एजुकेशन पोर्टल से PDF डाउनलोड कर सकते हैं。
5. क्या मैं MPPSC Mains में हिंदी माध्यम से उत्तर लिख सकता हूँ?
हाँ, MPPSC Mains की परीक्षा में आप हिंदी या अंग्रेजी, किसी भी माध्यम में उत्तर लिख सकते हैं जब तक कि प्रश्न पत्र में विशेष रूप से किसी एक की आवश्यकता न बताई गई हो।
6. MPPSC SSE 2026 के लिए कुल कितनी रिक्तियाँ निकली हैं?
MPPSC SSE 2026 के लिए कुल 155 रिक्तियाँ निकाली गई हैं。
7. क्या प्रीलिम्स में नेगेटिव मार्किंग शुरू हुई है?
हाँ, MPPSC 2026 प्रारंभिक परीक्षा में प्रति गलत उत्तर पर 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू कर दी गई है。
निष्कर्ष
MPPSC Mains की परीक्षा केवल रट्टा लगाने की परीक्षा नहीं है। यह आपकी अवधारणाओं की गहराई, लेखन क्षमता और मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे विश्व में हो रहे परिवर्तनों को समझने की कसौटी है। उपरोक्त पाठ्यक्रम पर गहरी पकड़ बनाकर, नियमित उत्तर लेखन (Answer Writing) का अभ्यास करके और करंट अफेयर्स को अपनी रणनीति का हिस्सा बनाकर, आप इस परीक्षा को पार कर सकते हैं।

