
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के लगभग 24.28 लाख किसानों के बैंक खातों में 10,324.84 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरण कर दी है। यह राशि किसानों को धान मूल्य अंतर (पैडी बोनस) के रूप में दी गई है, ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो, कृषि क्षेत्र अधिक फायदेमंद बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। यह पहल होली त्योहार से पहले किसानों के लिए बड़ा उपहार साबित हुई है।
कृषक उन्नति योजना: क्या है यह योजना?
कृषक उन्नति योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण कृषि-कल्याण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाना, किसानों के लिए अधिक आय सुनिश्चित करना तथा खेती-बाड़ी को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों से धान को एक तय दर पर खरीदती है और उसके मूल्य अंतर या बोनस का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में करती है।
इस साल छत्तीसगढ़ सरकार ने धान को ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का निर्णय लिया था। इससे किसानों को बाजार दरों से ऊपर लाभ मिलेगा और उनके उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
28 फरवरी को हुआ विशाल कार्यक्रम
28 फरवरी को बिल्हा, बिलासपुर में एक बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस समारोह में बटन दबाकर 24.28 लाख किसानों के खातों में 10,324.84 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए। कार्यक्रम में किसानों के साथ-साथ जिले के विकास कार्यों की घोषणा और शुभारंभ भी हुआ।
इसके अलावा इस कार्यक्रम में जिला के लिए 263.16 करोड़ की लागत वाले लगभग 89 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और भौतिक विकास को गति मिलेगी।
किसानों के लिए यह राशि क्यों अहम है?
यह राशि मूल रूप से किसानों को धान की पैदावार पर मिलने वाले लाभ को बढ़ाने के लिए दी गई है। कई किसान छोटे-मध्यम स्तर पर खेती करते हैं और बाजार में मिलने वाली कीमतें उनकी लागत को पूरा नहीं कर पातीं। सरकार का यह कदम किसानों को सीधे वित्तीय सहायता देकर उनकी आय को स्थिर करने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसानों की खुशहाली से ही समृद्ध भारत का सपना साकार होगा। इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि किसानों को धान के अंतर की राशि होली से पहले उनके खातों में मिलनी चाहिए।
इस योजना से कितना लाभ हुआ?
-
कुल 24.28 लाख से अधिक किसानों के खाते में राशि भेजी गई।
-
हर जिले के किसानों को सीधे लाभ देने के लिए विस्तृत कार्यक्रम चलाया गया।
-
बिलासपुर ज़िले के करीब 1,25,352 किसानों को ही अकेले लगभग 494.38 करोड़ रुपये दिए गए।
इस तरह की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाती है, जिससे किसी भी मध्यस्थ की जरूरत नहीं रहती और राशि सही समय पर सही लाभार्थियों तक पहुंचती है।
सरकार की कृषि-से जुड़ी अन्य पहलें
छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने के लिए कई नीतियाँ बनाई हैं। उनमें शामिल हैं:
-
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजनाओं को बढ़ावा देना।
-
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए नए प्रोजेक्ट।
-
कृषि बीमा और फसल समर्थन योजनाएँ।
ये सभी पहलें मिलकर कृषि को अधिक आकर्षक बनाती हैं और कृषि-आधारित आय को स्थिर करती हैं।
किसानों की प्रतिक्रिया
कई किसानों ने इस कदम को “होली से पहले दिवाली” बताया और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। कुछ स्थानों पर किसानों ने उन्हें धान से तौलकर सम्मान भी किया, जो यह दर्शाता है कि इस पहल का किसानों के मन में कितना महत्व है।
सरकार की आगामी योजनाएं
राज्य सरकार कृषि कार्यों के अलावा ग्रामीण विकास, सिंचाई, सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे क्षेत्रों में भी निवेश कर रही है जिससे किसानों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. कृषक उन्नति योजना क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि-कल्याण योजना है, जिसके तहत किसानों को धान के समर्थन मूल्य के अंतर का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाता है।
2. इस साल कुल कितनी राशि ट्रांसफर हुई है?
इस वर्ष लगभग 10,324.84 करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।
3. कितने किसानों को लाभ मिला?
लगभग 24.28 लाख से अधिक किसानों को सीधे लाभ मिला है।
4. यह राशि किसके खातों में दी गई?
धान की पैदावार पर मिलने वाले मूल्य अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई है।
5. योजना का उद्देश्य क्या है?
किसानों की आय को बढ़ाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाना।
