jharkhand anm gnm vacancy 2026: 1200 डॉक्टरों और 7500 एएनएम-जीएनएम की नियुक्ति, 2029 तक टीबी मुक्त राज्य का लक्ष्य

Sai Chandhan
7 Min Read

रांची: राष्ट्रीय क्षय रोग दिवस के अवसर पर झारखंड सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में कई अहम घोषणाएँ की हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि उन्हें जड़ से समाप्त करना है। इसी कड़ी में वर्ष 2029 तक झारखंड को टीबी मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है।

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योजनाओं का संक्षिप्त अवलोकन (At a Glance)

विवरण जानकारी
घोषणा का अवसर राष्ट्रीय क्षय रोग दिवस (National Tuberculosis Day)
टीबी मुक्त राज्य का लक्ष्य वर्ष 2029
नए डॉक्टरों की नियुक्ति 1,200
नए एएनएम-जीएनएम कर्मियों की नियुक्ति 7,500
नए सब-सेंटरों का निर्माण 1,200
अतिरिक्त मैनपावर (नए सब-सेंटर हेतु) 10,000 (अनुमानित)
वर्ष 2026 में टीबी जांच का लक्ष्य 12 लाख

भर्ती और बुनियादी ढाँचा: बड़े बदलाव की शुरुआत

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में व्यापक सुधार की रूपरेखा पेश करते हुए निम्नलिखित प्रमुख घोषणाएँ कीं:

  • बड़े स्तर पर भर्ती: राज्य में जल्द ही 1,200 डॉक्टरों और 7,500 एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) एवं जीएनएम (सामान्य नर्स मिडवाइफ) कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। यह नियुक्तियाँ पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया से होंगी, जिससे भर्ती में किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी।

  • सब-सेंटरों का विस्तार: स्वास्थ्य सुविधाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुँचाने के लिए 1,200 नए सब-सेंटर बनाए जाएंगे। इन नए केंद्रों को संचालित करने के लिए लगभग 10,000 अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की भी बहाली की जाएगी।

उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ: अप्रैल तक मिलेगी बड़ी सौगात

मंत्री डॉ. अंसारी ने जानकारी दी कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों (सभी जिला मुख्यालयों के अस्पतालों) में अप्रैल माह तक सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह कदम गंभीर बीमारियों के निदान में लगने वाले समय को कम करेगा और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराएगा।

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चिकित्सा शिक्षा में विस्तार: डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की पहल

डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा की सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि होने की उम्मीद है:

  • एमबीबीएस और पीजी सीटों में वृद्धि: राज्य में 700 से अधिक एमबीबीएस और पीजी (परास्नातक) सीटों को बढ़ाया जाएगा। इससे अधिक संख्या में स्थानीय युवा चिकित्सक बन सकेंगे और राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने में सहायता मिलेगी।

  • मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना: ब्रांबे (रांची) में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। कुलपति की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। यह विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा और शोध का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

टीबी उन्मूलन: विशिष्ट लक्ष्य और उपलब्धियाँ

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने टीबी उन्मूलन के प्रयासों पर विस्तृत जानकारी दी:

वर्ष टीबी जांच का लक्ष्य उपलब्धि/लक्ष्य
2025 9.5 लाख पूर्ण (9.5 लाख लोगों की जांच की गई)
2026 12 लाख लक्ष्य निर्धारित (जांच अभियान तेज किया जाएगा)

इसके अलावा, टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीबी चैंपियंस, सहियाओं और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को सम्मानित किया गया। साथ ही, गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए एक टीबी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

नीतियों का असर: अन्य राज्यों से भी आ रहे डॉक्टर

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड सरकार की स्वास्थ्य नीतियाँ और पारदर्शी कार्यप्रणाली अब परिणाम दिखा रही है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में डॉक्टर झारखंड में सेवा देने के लिए आ रहे हैं। डॉक्टरों को अब भरोसा है कि राज्य का नेतृत्व (स्वयं स्वास्थ्य मंत्री एक डॉक्टर हैं) उनकी समस्याओं और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझता है।

एक महत्वपूर्ण पहल यह भी है कि डॉक्टरों को स्वेच्छा से उनके कार्य स्थल (पोस्टिंग) का चयन करने की सुविधा दी गई है, जिसके कारण बाद में स्थानांतरण (ट्रांसफर) की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: झारखंड सरकार ने कितने डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती की घोषणा की है?
उत्तर: राज्य सरकार ने 1,200 डॉक्टरों और 7,500 एएनएम-जीएनएम (नर्सिंग स्टाफ) की नियुक्ति की घोषणा की है।

प्रश्न 2: राज्य को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा गया है?
उत्तर: झारखंड सरकार ने वर्ष 2029 तक राज्य को टीबी मुक्त (क्षय रोग से मुक्त) बनाने का लक्ष्य रखा है।

प्रश्न 3: नए सब-सेंटरों के निर्माण की क्या योजना है?
उत्तर: स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए राज्य में 1,200 नए सब-सेंटर बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के लिए लगभग 10,000 स्वास्थ्य कर्मियों की भी बहाली की जाएगी।

प्रश्न 4: राज्य में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा कब तक शुरू हो जाएगी?
उत्तर: स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा अप्रैल 2026 तक शुरू कर दी जाएगी।

प्रश्न 5: चिकित्सा शिक्षा की सीटों में कितनी वृद्धि होगी?
उत्तर: राज्य में एमबीबीएस और पीजी की 700 से अधिक नई सीटें जोड़ी जाएंगी, जिससे अधिक संख्या में चिकित्सक तैयार हो सकेंगे।

प्रश्न 6: वर्ष 2026 में टीबी जांच का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: वर्ष 2025 में 9.5 लाख लोगों की टीबी जांच की गई थी। वर्ष 2026 के लिए यह लक्ष्य बढ़ाकर 12 लाख जांच का रखा गया है।

प्रश्न 7: डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया कैसी होगी?
उत्तर: सभी नियुक्तियाँ पूर्णतः ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होंगी। डॉक्टरों को उनकी पोस्टिंग के लिए स्वेच्छा से स्थान चयन की सुविधा दी जाएगी, जिससे बाद में स्थानांतरण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

प्रश्न 8: ब्रांबे में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना किस चरण में है?
उत्तर: ब्रांबे में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। कुलपति की नियुक्ति हो चुकी है।

निष्कर्ष

झारखंड सरकार द्वारा राष्ट्रीय क्षय रोग दिवस पर की गई घोषणाएँ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत हैं। 1,200 डॉक्टरों, 7,500 नर्सिंग कर्मियों की भर्ती, 1,200 नए सब-सेंटरों का निर्माण, उन्नत जांच सुविधाएँ और चिकित्सा शिक्षा में विस्तार—ये सभी कदम मिलकर झारखंड को एक स्वस्थ राज्य बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे। विशेष रूप से, 2029 तक टीबी मुक्त राज्य का लक्ष्य और वर्ष 2026 में 12 लाख टीबी जांच का लक्ष्य यह दर्शाता है कि सरकार इस बीमारी के उन्मूलन के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।

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